चला मैं करने रीचेक

Sanjeev Sharma

                                 गया मै लखनऊ करने असर का रीचेक

                फिर ले अपनी फटफटिया पहुंचा इक गाँव

                लिए हाथ में सर्वेक्षण फॉर्म चला ढूँढने केंद्र जी जी गाँव का केंद्र

                मुड़ा वहाँ से बाई ओर गया पहले घर के अन्दर

                कहा माता जी.. नाम है मेरा संजीवआया हूँ करने असर का रीचेक…!

                माता जी बोलीं हाँ हाँ कुछ दिन पहले भी आए थे लोग करने बच्चों की जाँच

                फिर बोली बेटा बहुत ख़ुशी हुई ये देख कर कि तुम करते हो ये काम

                सरकार तो बनाती है योजना पर तुम देखते हो उनका परिणाम

                बच्चे जाते तो हैं स्कूल पर क्या लेते हैं कुछ ज्ञान

                समझाओ इन्हें कि पढ़ना होगा दिन राततभी तो रौशन करेंगे हमारा नाम..

                देख माता जी का भरोसा भर आया मेरा मन

                गर्व है मुझे कि करता हूँ मैं असर में काम