चली असर की सेना

 

here चली असर की सेना

चली असर की सेना देखो तूफानों को चीर के।

कार्यक्षेत्र मे जोश जगा,  ज्यों रणभूमि में वीर के।।

चली असर की सेना देखो तूफानों को चीर के।।

सबसे युवा देश है मेरा फिर क्यूं विकास अवरूद्ध है।

जिस शत्रु ने घेरा डाला है, उससे करना युद्ध है।

सर्वे पुस्तिका पकड़े जैसे बांधे तरकश तीर के।

चली असर की सेना देखो तूफानों को चीर के।I

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नई है राह नया कदम बढ़ा के हम चले ।

असर के इस सफ़र में गुनगुनाते हम चले ।।

सही हुई है मेकप वर्षों से या नही,

उस चेहरे को आईना दिखाने हम चले।।