Sandeep Sharma – लौट आया “असर’’!!

img_0940-2वर्ष 2014 में असर सर्वेक्षण के 10 वर्ष पूरे होने के पश्चात तथा एक वर्ष के विराम के बाद असर एक बार फिर से लौट आया है | हमने 10 वर्ष असर को किया है तथा मैंने व्यक्तिगत तौर पर वर्ष 2007 से असर सर्वेक्षण में भाग लिया चाहे वह एक स्वयंसेवी के रूप में हो या  असर एसोसिएट के रूप में | लेकिन जब भी मैंने असर में भाग लिया मुझे हमेशा यह कुछ नया सा लगा है और हर बार एक अलग सा जोश रहा है ! पिछले वर्ष जब असर नहीं  किया गया तो ऐसा लग रहा था कि पता नहीं ज़िन्दगी का कौन सा महत्वपूर्ण कार्य इस वर्ष रह गया | बहुत इंतज़ार था 2016 का कि जल्दी से यह वर्ष आए और मैं फिर से असर सर्वेक्षण का हिस्सा बनूँ | असर सर्वेक्षण की अपनी अलग चुनौतियाँ होती हैं तथा उन चुनौतियों का सामना करने का अपना एक अलग ही आनंद | एक वर्ष के पश्चात् एक बार फिर मेरे लिए वह पल आ गया जब एक बैग में मेरा पूरा घर होगा और पूरे प्रदेश के अलग-अलग कोने में जाने का तथा वहाँ के समुदाय से मिलने का और वहाँ के बच्चों के शिक्षा के स्तर को जानने का अवसर मिलेगा |

स्वयंसेवक, असर सर्वेक्षण के दौरान

स्वयंसेवक, असर सर्वेक्षण के दौरान

मेरे अलावा और भी मेरे बहुत से मित्र थे जिन्हें असर का इंतज़ार था चाहे वह मीडिया के मित्र हों या विभिन्न राज्यों के मेरे असर के साथी, सबको बड़ी बेसब्री से असर का इंतज़ार था|

पिछले वर्ष जब असर नहीं हुआ था तब मीडिया के मित्रों ने, हमारे प्रदेश के अधिकारियों ने काफी बार असर रिपोर्ट के बारे में पूछा क्योंकि हर कोई जानना चाहता था कि हमारे देश तथा प्रदेश में शिक्षा की स्थिति क्या है तथा उसमे कुछ सुधार हुआ है या नहीं | इसको जानने के लिए वह सब बहुत उत्सुक थे, क्योंकि अब सभी जानते है कि असर सर्वेक्षण ही एक मात्र ऐसा सर्वेक्षण है जो प्रत्येक वर्ष शिक्षा की सही तस्वीर देश के सामने प्रस्तुत करता है|

इंतज़ार की घड़ियाँ समाप्त हुई और एक बार फिर से लौट आया है असर! आइये और असर का हिस्सा बनिये और देश के हित में होने वाले इस महत्वपूर्ण कार्य में भाग लीजिये !

संदीप शर्मास्टेट असर एसोसिएट, उत्तर प्रदेश