Day 98: शिक्षा से दूर हमारा गाँव-समाज




शिक्षा का अधिकार एवं सब पढे़ं सब बढ़ें का नारा लगाने से क्या हम अपने गाँव और समाज को बदल चुके हैं?

 यह स्थिति किशनगंज जिले के एक गाँव की है। उस गाँव में जाने के लिए हम लगभग आधे से भी ज़्यादा दूरी तय कर चुके थे। अतः इस दुर्गम रास्ते कि कठिनाइयों को देखते हुए हमने कुछ स्थानीय लोगों से उस गाँव तक पहुँचने के लिए सरल रास्ता पूछा परन्तु लोगों ने बताया कि उस गाँव तक पहुँचने के लिए केवल चचरी का पुल (बाँस का) पार करके जाना होता है।

गाँव का भ्रमण करने के बाद पता चला कि यहाँ एक प्राथमिक एवं दूसरा रा. माध्य विद्यालय है जो दो अलग-अलग गाँव के किनारे पर स्थापित है, हम लोगों ने घरों का सर्वेक्षण करना शुरु किया। जिसमें हमें यह देखने को मिला कि अभिभावक तो अपने बच्चों को पढ़ने के लिए भेज देते हैं, पर बच्चें क्या पढ़ एवं सीख रहे हैं इसके बारे में अभिभावक को कोई ज्ञान नहीं है। अधिकांशतः अभिभावक खेती से ही अपना जीवन यापन करते हैं, और अशिक्षित होने के कारण अपने बच्चों पर ज़्यादा ध्यान नहीं दे पाते हैं। मगर अपने बच्चे को अच्छी शिक्षा देना चाहते हैं और इसके लिए अपने बच्चों को ट्यूशन भी भेज रहे हैं। इस गाँव की सबसे सोचनिय बात यह लगी कि इस गाँव में सभी बच्चें आठवीं पास होने के बाद आगे कक्षा की पढ़ाई नहीं कर पा रहे हैं। क्योंकि इस गाँव में माध्यमिक विद्यालय तो है ही नहीं। जिसका प्रभाव बालिकाओं पर ज़्यादा देखने को मिल रहा है। अभिभावक अपनी बालिकाओं को दूर या दूसरे गाँव में नहीं भेजना चाहते हैं क्यों-कि अभी भी अभिभावक अपने बच्चों को दूर भेजने से डरते हैं। जहाँ तक बच्चों की पढ़ाई को गुणवत्ता की बात करें तो जो बच्चे कक्षा आठवीं पास कर चुके हैं, उनमें कक्षा के अनुरूप पूर्ण दक्षत देखने को नहीं मिल रही थी। इसमें बालिकाओं की संख्या ज़्यादा देखने को मिल रही थी। एक अभिभावक का कहना था कि क्या करें इस गाँव में तो उच्च वर्ग में पढ़ने के लिए कोई विद्यालय भी नहीं है? हम अपनी लड़की को बाहर भी नहीं भेज सकते हैं क्योंकि आज कल का माहौल भी ठीक नहीं है और गाँव में कोई अच्छा पढ़ाने वाला भी नहीं है
 शिक्षा ही एक ऐसा माध्यम है जो व्यक्ति को आगे बढ़ने एवं अपने आप को समझने में मद्द करता है। देश को आज़ाद हुए लगभग 70 वर्ष होने जा रहे हैं फिर भी अभी तक कई गाँवों तक जाने के लिए पक्का रास्ता नही है। आखिर इस गाँव के बालक एवं बालिका के लिए शिक्षा का क्या हाल है? क्या शिक्षा का अधिकार केवल एक कानून बन कर रह जाएगा?

Vikash Kumar, ASER Regional Team, Bihar




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