Abhay Barad – मैं हूँ असर!

abhayमैं पिछले 5 साल से असर के साथ जुड़ा हुआ हूँ और गुजरात में असर का काम देखता हूँ | इन 5 सालो में गुजरात के अलग-अलग जिले में पार्टनर ढूंढना, ट्रेनिंग, सर्वे, मोनिटरिंग, रीचेक जैसे असर के काम करता रहा हूँ | असर में दौरान बहुत सारे अनुभव हुए हैं और उसमे से आज मैं आपके साथ एक अनुभव शेयर कर रहा हूँ | दो साल पहेले की बात है, मैं दक्षिण गुजरात के तापी जिले के “काटी” गॉव में रीचेक के लिए गया था | काटी गॉव बहुत दूर-दराज का गॉव है और गुजरात-महाराष्ट्र  बार्डर पर स्थित है | वहाँ जाने के लिए बहुत कम साधन मिलते हैं | मैं काटी जाने के लिए सुबह करीब 7:00 बजे निकल गया | बस वाले ने मुझे काटी गॉव से 5 की.मी. दूर, करीब 2:30 बजे उतरा और बोला की यहाँ से आपको चल के जाना पड़ेगा, बस गॉव में नहीं जाएगी | मैंने चलना शुरू किया | रास्ते के दोनों और जंगल और खेत – मैं अकेला ही रास्ते पर चला जा रहा था | लगभग 2 की.मी. चलने के बाद मुझे एक बाइक वाला मिला और उसने मुझे काटी गॉव करीब 3:15 के करीब पहुंचा दिया | मैंने गॉव का री-चेक शुरू किया | स्वयं सेवक ने बहुत अच्छा काम किया था | में 5 बजे गॉव से निकला तो गॉव के लोगो ने पूछा कि अब आपको कहाँ जाना है ? मैंने बताया की पास के शहर जाना है | लोगो ने बताया की शहर जाने के लिए कल सुबह ही बस या जिप मिल पाएगी | मैं असमंजस में पड़ गया-यहाँ कहाँ रहूँगा ? उतने में गॉव के कुछ बुज़ुर्ग आए और उन लोगों  ने बहुत प्यार से बोला कि बेटा आज आप हमारे गॉव के महेमान हो और हमारे घर पर ही रुकेंगे | यह सुन कर मुझे बहुत अच्छा लगा | धीरे-धीरे गॉव में सब को पता लग गया कि कोई शहर से आया है और गाव में ही ठहरा है | करीब 30 लोग मुझसे मिलने आए और 12 बजे तक मेरे साथ ही बात करते रहे | उनके पास कई सवाल थे- आप कौन हैं ? कहाँ से आए हैं ? क्या काम कर रहे हो ? मैंने असर के बारे में बताया, बच्चों की शिक्षा के बारे में बात कि और असर/प्रथम के कार्य के बारे में बताया | लोगों ने भी अपनी समस्याओं के बारे में बताया | लोगों  को यह बहुत अच्छा लगा कि कोई है जो काम हुआ की नहीं, काम सही तरीके से हुआ की नहीं यह देखने भी आता है | विद्यालय और बच्चों की शिक्षा के बारे में बहुत बात हुई | गॉव वाले कहने लगे की अब हम भी कभी कभी विद्यालय जाएँगे और टीचर को मदद करेंगे जिससे हमारे बच्चों की शिक्षा में सुधार हो | यह अनुभव मैं इस लिए बता रहा हूँ कि गॉव में भी लोगों को अपने बच्चों की शिक्षा की फ़िक्र  है और असर इन गॉव वालों के लिए एक सुनहरी किरण है !

असर केवल सर्वे ही नहीं है | असर एक मूवमेंट है | मेरे जेसे हजारों लोग असर के साथ जुड़ के इस मूवमेंट को यह आशा के साथ आगे बढ़ा रहे हैं कि एक दिन बच्चों को विद्यालय में गुणवता युक्त शिक्षा मिलेगी और सभी बच्चे जो विद्यालय में हैं उनको पढ़ना-लिखना अच्छी तरीके से आ पाएगा |

“मैं असर हूँ और इस असर के दिए को तब तक जला कर रखूँगा जब तक सभी बच्चों को विद्यालय में गुणवता युक्त शिक्षा प्राप्त न हो”

असर के इस मुहिम से जुड़े हुए सभी लोगो को दिल से धन्यवाद !

– Abhay Barad is ASER Associate in Gujarat

  • Renu Seth

    Thanks for sharing Abhay. Night stay at Koti village must have been a experience for sure. You all get amazing opportunities to meet and create awareness..