असर ऑन द विजिल!

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see ASER Associate, Chhattisgarh 

forex fridhemsplan öppettider असर भारत का आम नागरिकों  द्वारा किया जाने वाला सबसे बड़ा सर्वेक्षण है जिसका हिस्सा मैं पिछले 5 वर्ष से स्वयं सेवक, मास्टर ट्रेनर के रूप मे  रहा हूँ तथा इस वर्ष भी मैं असर एसोशियेट के रूप में सर्वेक्षण का हिस्सा हूँ | वास्तव में जब मैं असर से जुड़ा  तभी जान  पाया की हमारे देश में शिक्षा की स्थिति आज भी बहुत ही दयनीय है जिस पर आम नागरिकों का ध्यान बिलकुल भी नहीं है| वास्तव में शिक्षा की इस बुनियादी ढांचे से  आम नागरिक  कोसों दूर हैं  | जिनकी पहुँच इस ढांचे तक है, उनका ध्यान तो इस ओर है ही नहीं | यह एक सवाल मेरे मन में कचोटती रहा और मैं अपने स्तर पर यह सोचता रहा की इस दिशा में, मैं क्या कदम उठाऊ की इसकी बुनियाद को  मजबूत कर सकूँ ?  जब मैं असर से जुड़ा तभी यह जान पाया कि बुनियादी शिक्षा से समाज की एक बहुत बड़ी आबादी तो आज भी अनभिज्ञ है |

http://highschool.isq.edu.mx/cr45/192/assets/js/9779 इसी तारतम्य में जब मैं सर्वेक्षण का हिस्सा बना और जमीनी स्तर पर बच्चों से जाकर उन्हें कुछ पढ़ने और गणित के सवाल दिखाकर यह जानने का प्रयास किया तब पता चला की बच्चें स्कूल तो जाते है पर जिस कक्षा में वे अध्ययनरत हैं उस स्तर का पढने और समझने मे पीछे हैं या उन्हें बहुत कठिनाई हो रही |

go to link 1असर सर्वे 2016  के दौरान जब मैं निरीक्षण के लिए एक गाँव का चयन किया जो ब्लाक टाउन से लगभग 200  कि . मी. की दूरी पर था और जिसके लिए 100 कि . मी. जंगल से होकर गुजरना पड़ता  है | हम सुबह के 5:30 में ब्लाक टाउन से बाइक लेकर गाँव के लिए निकल पड़े | लगभग 12 बजे के आसपास गाँव में पहुंचे तब स्कूल की छुट्टी होने ही वाली थी | हमने स्कूल की जानकारी ली और  गाँव के लोगों  से बातचीत कर गाँव का भ्रमण करना शुरु किया | गाँव काफी विस्तृत रूप से बसा हुआ था  पर वहां की आबादी बहुत कम थी |

here हम गाँव में हिस्से मोहल्ले का पहचान कर सर्वेक्षण शुरु कर दिये | जैसे - जैसे हम मोहल्ले में जाते तो पता चलता था एक घर यहाँ तो दूसरा घर वहां दूर में बसा है | घरों को ढूँढना बड़ा ही कठिन काम था | खेतों से गुजर कर घर तक जाना पड़ता था | पगडण्डी के सहारे किसी तरह घर तक पहुँच पाते | एक मोहल्ले का सर्वेक्षण पूरा करने में ही हमें रात हो गयी | अब हम वापस भी नहीं जा सकते थे ....फिर क्या  हमारे सामने दो बड़ी समस्या थी - एक तो हम अपने खाना की व्यवस्था कैसे करें और रात कहाँ गुजारे!

http://parklane.on.ca/wp-cron.php?doing_wp_cron=1518932693.9029231071472167968750 हम दोनों ने आपस में चर्चा कर यह तय किया की पहले  तो सरपंच से मिलकर यह बात किया जाये कि क्या आप रुकने की व्यवस्था कर देंगे और इस उद्देश्य से हम उनके घर मिलने गए और अपनी समस्या से उन्हें अवगत कराया | तब उन्होंने स्कूल के एक शिक्षक, जो वहां रहते थे, उनके कमरे की चाभी दिलाया और बोला, ‘कि यहीं रुक जाना’ | कुछ देर तक हम सरपंच के घर में ही  बैठे रहे | हमारी उम्मीद बढ़ चुकी थी | हमें उम्मीद थी की सरपंच हमसे खाने के विषय में पूछेंगे लेकिन उन्होंने इस विषय पर तो बात ही नहीं किया| हम दोनों एक दूसरे का चेहरा देखे पर चेहरे में हमे दिखता भी तो क्या ?  वही थका हुआ हताश चेहरा, भूख से खाने की पुकार लगाता और फिर मायूस हो जाता | 2 घंटे बाद रात के 8 बजे सरपंच ने हम दोनों से पूछा, ‘आप लोग ने खाना खाया ?’  हम दोनों एक स्वर से बोल पड़े नहीं! फिर मैंने उनसे पूछा कि अगर आस पास खाने पीने का सामान खरीद की दूकान होगी | उन्होंने बताया कि आस पास कोई बड़ी दुकान नहीं है और जो है वो अब तक बंद हो चुकी होगी | उन्होंने कहा की हम खाना बनवा देते है | आप खाकर चले जाना | हम खाने के इन्तजार में बैठ गए | करीब एक घंटे के इंतज़ार के बाद  खाना मिला और हमारी ख़ुशी का ठिकाना न था !

internet dating first message template इस प्रकार हमने उस गाँव में अपना समय बिताया और अगले दिन सुबह 7  बजे से बाकि बचें मोहल्ले का सर्वेक्षण करना शुरू कर दिया | 2दोपहर 12 बजे तक हमने सर्वेक्षण पूरा कर लिया और सरपंच जी को धन्यवाद बोलकर  वापस ब्लाक टाउन के लिए निकल पड़े | जब हम जंगल से गुजर रहे थे हमारी मोटर साइकिल लगभग 70 की स्पीड में थी | अचानक रास्ते में एक काला नाग दिखाई दिया जो रास्ते से गुजर रहा था और मोटर साइकिल के सामने की चक्के में कुचलने से बच गया | मेरे डर से जोर से चिल्लाया | मेरी  आवाज़ को सुनते ही नाग ने पलट कर हम पर वार किया और जोर से फन मारा काटने के लिए.......... हम दोनों के रौंगटे खड़े हो गए, ऐसा लगा की पीछे बैठे मास्टर ट्रेनर को नाग का फन लग गया हो | मैंने उसे बार–बार पूछकर पुष्टि  किया कि कहीं  काटा तो नहीं है ना, हम दोनों को मानो एक नयी ज़िन्दगी मिली हो ...............शायद हम इसलिए बच पाए की हमने असर जैसे कोई नेक काम किया हो जो हमारा सुरक्षा कवच बन कर हमेशा हमारे साथ रहती है ...........

how do i hook up with a guy at a party यह अनुभव हम दोनों की ज़िन्दगी का यादगार अनुभव था | हम दोनों ने तय किया कि आज के बाद अब हम असर का सर्वे करना कभी नहीं भूलेंगे और आगे भी हम पूरी इमानदारी और लगन के साथ असर का हिस्सा बने रहने का फैसला लिया | मैं इस घटना को कभी नहीं भूलूंगा | मास्टर ट्रेनर ने मुझे एक भी बार यह नहीं बोला कि मैं इस सर्वे का आगे हिस्सा नहीं बनूँगा | हर परिस्थिति में लोग हमारा साथ देने से पीछे नहीं हटते  हैं ...........यही असर का असर है जिसका असर हम पर है........