Sujit Kumar – एक गाँव ऐसा भी…….

20150330_165426मैं सुजीत कुमार पिछले सात वर्षों से असर के काम में बिहार में सहयोग कर रहा हूँ | दोस्तों बात 2013 की है जब मैं मुंगेर जिले में असर के कार्यों में सहयोग कर रहा था | जिला में तीन दिनों के असर ट्रेनिंग के बाद कजरा प्रखंड में सर्वेक्षण में सहयोग के लिए उस प्रखंड के बंगलवा गाँव में जाना था | उस दिन रात 10 बजे प्रथम के राज्य समन्वयक संजय जी ने फोन किया | उन्होंने कहा कि मैं भी मुंगेर जिले में हूँ और मैं भी असर के सर्वे को देखना चाहता हूँ | मैंने अपने अगले दिन की क्षेत्र भ्रमण की जानकारी दी कि मैं कहाँ जा रहा हूँ | उन्होंने कहा कि मैं भी आपके साथ चलूँगा | दूसरे दिन की बात है, सुबह – सुबह बहुत जोर की बारिश होने लगी | कजरा जाने का एक मात्र साधन ट्रेन था जिसका मुंगेर से खुलने का समय सुबह 6:32 था | बारिश में भींगते हुए रेलवे स्टेशन पहुँचे, टिकट कटाया और जल्दी से ट्रेन पर बैठ गए | कजरा स्टेशन पहुँच जाने के बाद एक चाय की दुकान पर एक बुजुर्ग बाबा से हमने जाकर कहा, बाबा हमे बंगलवा गाँव जाना है, कैसे जाया जा सकता है ? उन्होंने कहा कि उस गाँव की तरफ जाने के लिए जीप मिलती है जो की निर्धारित समय से खुलती है | उस तरफ जाने के लिए 9:00 बजे और उधर से आने का समय 3:00 बजे जो अंतिम जीप आती है | इसके अलावा कोई साधन नहीं जाता है वहाँ | आठ बजे थे | हमलोगों को एक घंटा वही पर इंतज़ार करना पड़ा | धीरे – धीरे उस चौक पर जाने वाले यात्रियों की भीड़ बढ़ती जा रही थी | जीप जैसे ही नौ बजे आई लोग उसपर बैठने के लिए टूट पड़े | देखते ही देखते वह जीप भर गई और हमलोग देखते ही रह गए की ये क्या हो रहा है ? फिर हम – दोनों आपस में बात करने लगे कि गाँव कैसे जाया जा सकता है | जाना तो जरुरी था | फिर हमने जीप के ड्राईवर से निवेदन किया की भैया मुझे बंगलवा गाँव जाना बहुत जरुरी है | पायलट ने कहा कि एक आदमी को मेरे साथ अस्टयेरिंग के दाहिने तरफ बैठना होगा और एक को जीप की बाहरी बोनट पर | अब क्या किया जाए, हम दोनों सोच में पड़ गए | अंतिम निष्कर्ष यह हुआ की हमलोग को चलना ही पड़ेगा | मैंने उनको कहा, आप ड्राईवर के बगल में बैठ जाइए, मैं जीप के बोनट पर बैठ जाता हूँ | कजरा से बंगलवा गाँव की दुरी 15 km थी जिसका रास्ता पूरी तरह से खराब था | बीच- बीच में गड्ढे थे | हमलोगों को ऐसा लग रहा था कि जीप कब गड्ढ़े में पलट जायेगी पता भी नहीं चलेगा | उसी तरह सफर करते हुए एक चौक पर जीप रुकी | हमलोग वहाँ उतरे | लोगों से बातचीत से बंगलवा गाँव की दूरी कितनी है यह पता चला | लोगों में बताया कि उस गाँव की दूरी  इस चौक से 3 km है, जो खेत की पगडण्डी से जाना होता है | बारिश के कारण मिट्टी में फिसलन थी | हमलोग उस पगडण्डी पर चल पड़े| चलते- चलते फिसलन के कारण दोनों साथी गिर पड़े | उस मिटटी में चल पाना बड़ा मुश्किल था | लेकिन दोनों लोग धीरे- धीरे चलते- चलते उस गाँव पहुँच गए | गाँव पहुँचने के बाद वहाँ कुछ अलग ही प्रकार का दृश्य था | गाँव पूरी तरह CRPF पुलिस की छावनी में तब्दील था | कैंप के पास पुलिस ने हमलोगों की तलाशी लेना शुरू कर दिया | हमलोगों ने अपना परिचय दिया और गाँव में आने का कारण बताया | उन्होंने हमलोगों का मोबाइल और बैग वही पर रख लिया | हमलोगों ने बताया कि हमे इस गाँव के सरपंच या मुखिया जी से मिलना है | मुखिया जी का घर दूसरे टोले में था | उस कैंप के हेड ने हमलोगों के साथ दो CRPF पुलिस साथ में लगा दिया और हम लोग मुखिया जी के पास गए | मुखिया जी से मुलाकात हुई | हमलोगों ने अपना – अपना परिचय दिया और आने का उद्देश्य बताया | फिर हमने पूछा कि क्या दो सर्वेक्षक असर का सर्वे करने इस गाँव में आए हैं ? उन्होंने कहा कि आए हैं और पीछे वाले टोले में 3-16 वर्ष के बच्चों का शिक्षा संबंधी सर्वे कर रहे हैं | हमलोगों की बातचीत लगभग आधे घंटे तक चली | हमलोगों ने मुखिया जी से पूछा कि गाँव में पुलिस का कैंप क्यों लगा हुआ है ? मुखिया जी ने सहमे – सहमे उस गाँव में हुई दर्दनाक घटना हमलोगों को सुनाई | उन्होंने कहा की आप जिस क्षेत्र में आये हुए हैं वो नक्सल प्रभाबित है | पिछले दो महीने पहले नक्सलियों ने यहाँ 40 लोगो को मार दिया था | तब से गाँव पुलिस की छावनी में तब्दील हैं | इस कहानी को सुनने के बाद हम लोगो को दुःख हुआ | मुखिया जी ने हमलोगों के साथ गाँव में हो रहे सर्वेक्षण को देखने निकल पड़े | हम लोगों ने देखा कि हमारे दो सर्वेक्षक साथी अपने प्रक्रिया के साथ सर्वेक्षण कर रहे थे | एक साथी का नाम माइकल और दुसरे साथी शनि | हमलोगों ने उनसे बातचीत किया और परिचय किया | बातचीत के दौरान पता चला कि वो दोनों साथी मुंगेर से 25 km सायकिल चला कर उस गाँव में सर्वे करने आये हुए हैं | दोस्तों माइकल और शनि दोनों शाबाशी के पात्र हैं जो इतनी बिकट परिस्तिथि में भी उस गाँव में सर्वेक्षण करने पहुँच गए |

Sujit Kumar

ASER Team, Bihar