Kamal Tiwari – अभिलाषा

img_7795प्रकृति यूंही नहीं बनी, चल विचल तत्वों को संजोकर किसी की तलाश में, या ये कहें किसी को पाने की अभिलाषा में नित प्रति पल गतिमान रहकर नवीन आयामों की तलाश में प्रगति पथ में अग्रसित है और हम मानव अपने अभिमान में जाने क्या सोचकर जीते है कि मैं ही मैं हूँ और कुछ नहीं ! इस अहम् (मैं) ने सभी को दुखी: किया हुआ है | जब हम किसी पर एक अंगुली उठाते हैं, तब ये भूल जाते है कि तीन अंगुलिया हम पर ही उठती हैं और एक उन्हें दबाकर बल देने का काम करती है | ये मैं और अहम् की तलाश में हर मानव मानो माखन की भांति दूध में घुला हुआ है | किसी को समाज नज़र ही नही आता और जिसे आया है या तो वह मुंह मोड़कर कुछ करना नहीं चाहता या वह कुछ करते हुए भी कुछ कर नही पाता और जिसने किया उसने  समाज की दिशा ही बदल डाली |

ऐसा ही कुछ शिक्षा के लिए असर ने किया है | हर साल नई उम्मीदों के साथ सम्पूर्ण भारतवर्ष में शिक्षा की बेहतरी के लिए लाखो बच्चों तक पहुचता है, उनकी बुनियादी पढ़ने की क्षमताओ को समझने का प्रयास करता है,  जिसके लिए गांवों में हज़ारों स्वयंसेवी बिना किसी स्वार्थ के योगदान करते है | उनका उद्देश्य भी एक ही होता है मेरा भारत महान और भारत तब ही महान बन सकता है जब मेरे देश का हर बच्चा पढ़े  और अपने भविष्य को सरकारी या निजी नौकरी के तराजू पर न तोलकर अपना योगदान देश की प्रगति पर किसी न किसी तरीके से करे और अपने आजीविका का भी कुशल निर्वहन कर पाए | असर का यह प्रयास रहा है कि छोटे से बड़ी इकाई को अपने देश की शिक्षा की स्थिति के बारे में सही जानकारी हो | माना की सरकार के पास भी बहुत सारी तकनीके है और आकड़े भी साल दर साल आते रहते है पर किसी बाहय संस्था द्वारा उन्हें आइना दिखाना शायद उनकी आदत हो चुकि है | असर की यह पहल देश हित के लिए है |

हम दस वर्षो से देश में शिक्षा के तत्कालिक स्थिति को जानने को गाँव – गाँव  में पहुच जाते हैं  और लोगो का एक ही प्रश्न हमारे सामने आता है – क्या सरकार हमारे बच्चों के बारे में वास्तविकता में कुछ सोचती भी है या ये केवल कार्यक्रम चलाकर ही शिक्षा में सुधार को अपनी सफलता बता देती है | ये मेरा नही भारत के हर उस माता-पीता और अभिभावक का सवाल है जो हम जैसे हज़ारों असर स्वयं सेवकों  को सर्वेक्षण के समय देना एक चुनौती होता है |

असर 2016 में इस तरह के कई प्रश्न मेरे सामने आए और कोशिश की कि हर प्रश्न का उत्तर सरकार की नीति से जोडकर बताए पर कितने माता पिता को यह बात समझ में आयेगी क्योंकि  आज भी मेरा देश प्रगति रथ पर आगे ही बढ़ रहा है और सामने जो दिखता है वही सत्य है और कुछ नही |

Kamal Tiwari

ASER Team, Haryana

38 thoughts on “Kamal Tiwari – अभिलाषा”

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