“बदलाव के लिए एक छोटी सी पहल”

Shyam Kumar Kolare

ASER Associate, Madhya Pradesh

“असर” शिक्षा के स्तर की वास्तविकता दिखाने वाला एक विश्वासी रिपोर्ट है | इस रिपोर्ट को तैयार करने के लिए हजारो स्वयंसेवक आपना बहुमूल्य योगदान देते हैं l वे कठिन से कठिन परिस्थितियों को सहन करते हुए असर का सर्वे करते हैं ताकि देश को शिक्षा का स्पष्ट आइना दिखा सकें – कि बच्चों को भाषा, गणित व सामान्य अंग्रेजी की कितनी समझ है l असर के जाँच टूल इतने सरल व आसन हैं कि इसे कोई भी आम आदमी आसानी से उपयोग कर बच्चों के पढ़ने, गणित व अंग्रेजी के स्तर पता कर सकता है l

मैं असर सर्वे के दौरान मंडला जिला के एक गाँव में रीचेक के लिए पहुंचा l मंडला जनजाति बाहुल्य जिला है; यह सघन वनों से घिरा क्षेत्र है l मैं मोटरसाईकिल से रीचेक के लिए पूछते-पूछते बरसात से भीगते-सूखते पहुंचा limg_20160831_172126

मैं जैसे ही गाँव पंहुचा बरसात फिर शुरू हो चुकी थी l बरसात के रुकने का इंतजार करने के लिए मैं एक चाय वाले की दुकान जो सड़क के किनारे ही थी, पहुंचा l वहाँ 4-5 लोग घेरा में बैठे  थे; 1 बच्चा जिसकी उम्र करीब 12 वर्ष की होगी कुछ पढ़ रहा था l पढ़ने की धीमी-धीमी आवाज आ रही थी l मैंने ध्यान से सुना मुझे कुछ जानी पहचानी सी कहानी की आवाज लगी l मैंने पास जाकर देखा ! मुझे आश्चर्य हुआ यहाँ असर टेस्टिंग टूल से एक बच्चे को पढ़ा रहे  थे l

मैंने वंहा बैठे लोगो से पूछा आप ये क्या कर रहे हो ? इसमें से एक बच्चा जो करीब 15 बर्ष का आठवी का छात्र था उसने जबाब दिया कि ये असर का जांच टूल है| इससे हम बच्चों को उसके पिता जी के सामने पढ़ा कर दिखा रहे है l मैंने उससे पूछा ये जांच टूल आपको कहाँ से मिले ? उसने कहा कि 4 दिन पहले 2 लोग हमारे गाँव आये थे और उन्होंने 20 घरों के बच्चों को पढ़ाया| मैं उनके साथ दिन भर था | वे जैसे पढ़ा रहे थे मैंने सीख लिया| उन्होंने मुझे ये जांच टूल पुस्तिका दिया है l मैंने टूल के उपयोग करने का तरीका पूछा तो उसने बहाँ बैठे एक बच्चों को पढ़ा कर मुझे दिखाया l मैं यह सोचकर आश्चर्यचकित था कि यह बच्चा एकदम असर के नियम अनुसार बच्चों की टेस्टिंग करके दिखा रहा है l उसने बताया कि जब दो लोग गाँव में आए थे तो उन्होंने जिन बच्चों से पढ़ाया था बहुत से बच्चों को पढ़ना नहीं आ रहा था और उनके घर वाले बोल रहे थे कि वे तो स्कूल जाते है इन्हें तो पढ़ना आता ही होगा परन्तु पढ़ना नहीं आ रहा था l img_20161007_174125उसने कहा सभी बच्चों को पढ़ना आना चाहिए पर पढ़ना नहीं आ रहा हैं इसके लिए मैं पता कर रहा हूँ कि कितने को पढ़ना नहीं आ रहा है l उसने कहा मैं गाँव के सभी बच्चों की जाँच करूँगा और उनको पढ़ाने में मदद करूँगा l मैंने मन ही मन इस बच्चे की तारीफ की l अंत में मैंने उस गाँव की सर्वेक्षण पुस्तिका निकली तो उसने तुरंत सर्वेक्षण पुस्तिका पहचान लिया कि इसी में उन्होंने जानकारी भरी थी; जिन घरो के बच्चों का सर्वे हुआ था इन घरो के विषय में जानकारी भी दिया l उसने मुझे रीचेक के लिए घरो तक पहुँचने में मदद भी किया l

इस प्रकार “असर” सर्वे ने इस बच्चें के मन में एक चिंगारी पैदा कर दी थी ! यह बच्चा अपने गाँव के बच्चों की पढ़ाई के लिए कुछ नई पहल करने की सोचने लगा l असर सर्वे, सर्वे के साथ-साथ एक अभियान है l देश में न जाने कितने लोगो के मन के ऐसी ही कुछ परिवर्तन व बदलाव के लिए हमारे स्वयंसेवक निरंतर प्रयास करते आ रहे है l देश में असर का नाम व इसका प्रभाव को लोगो तक पहुँचाने का अमूल्य कार्य हमारे स्वयंसेवक द्वारा किया जाता है l येसे स्वयंसेवकों का मैं सह्रदय आभारी हूँ, जिनकी एक नन्ही सी सोच से देश में शिक्षा की बेहतरी के बदलाब ला सकते हैं  l