जैसी सोच वैसे विचार

Devendra Sharma 

ASER Team, Rajasthan

मैं प्रथम/असर में 10 साल से कार्य कर रहा हूँ | इस दौरान मैंने प्रत्येक साल कुछ न कुछ नया सीखा है | 2012 से असर टीम राजस्थान में कार्य कर रहा हूँ | साल दर साल असर के अनुभव मेरे लिए यादें बने हुए हैं | इस साल भी बहुत बातें यादगार बनी हैं | सर्वे को लेकर समाज की सोच से सम्बंधित मेरे एक अनुभव को आपके साथ शेयर कर रहा हूँ |

मेरा यह अनुभव राजस्थान के भरतपुर जिले का सर्वे करने के दौरान घटित हुआ | भरतपुर में हमने असर सर्वे जिला स्तर पर प्रशिक्षण महाराजा सूरजमल प्रारंभिक शिक्षक प्रशिक्षण संस्थान से करवाया है | इस संस्थान के 65 स्वयंसेवकों को असर सर्वे का तीन दिवसीय प्रशिक्षण दिया | इस दौरान संस्थान के प्राचार्य से असर मोनेटरिंग, डेस्क रिचेक, फोन रिचेक और फिल्ड रिचेक द्वारा डाटा की गुणवत्तापूर्ण का पता लगाने के तरीके इत्यादि के बारे में बताया | इस प्रशिक्षण में तीनों दिन मेरे लिए सीखने के लिए नये – नये अनुभव रहे जैसे स्वयंसेवकों की समझ, स्वयंसेवकों के सामने अपनी बात को रखना, सभी स्वयंसेवकों की प्रशिक्षण में भागीदारी, प्रशिक्षण की समय सारणी और असर सर्वे की प्रकिया की अच्छी समझ, स्वयंसेवकों को उनके दिमाग में बैठाना, जिससे उनके गाँव में असर सर्वे में गुणवत्तापूर्ण डाटा मिल सके |d

प्रशिक्षण के अगले दिन रविवार को स्वयंसेवकों द्वारा घरों का सर्वे करना था | प्रशिक्षण के बाद 2 – 2 स्वयंसेवकों को 1 गाँव का नाम दे दिया | पीली गाँव में प्रीति और मनीषा को सर्वे के लिए जाना था | प्रीति के पापा LIC के एजेंट हैं | हर गाँव में उनकी जानकारी थी इसलिए उन्होंने शाम को ही पीली गाँव के एक शिक्षक को बोलकर गाँव का नक्शा बनवाया लिया |

गाँव में प्रीति के साथ उनके पापा गए थे | प्रीति के पिता जी गाँव के शिक्षक की मदद से उनके घर के आसपास से 20 घरों का सर्वे करने के लिए प्रीति को बाध्य कर रहे थे | प्रीति उनसे सहमत नहीं थी | उसने बोला कि प्रशिक्षण में जैसे बताया है उसी तरीके से करेंगे | इसके बाद प्रीति के पिताजी का फोन मेरे पास आया और बोलने लगे, सर गाँव में सड़क के दोनों किनारे 30 से 40 घर हैं इसलिए आसपास के घरों का सर्वे हो जाएगा | मैंने उनको गाँव की लिस्ट देखकर बताया कि सर गाँव में लगभग 200 घर हैं | उन्होंने बताया नहीं, यहाँ 40 से ज्यादा घर नहीं हैं | इसके बाद मैंने स्वयंसेवक प्रीति और मनीषा से बात की | मनीषा ने बोला सर कोई समस्या नहीं है; परन्तु प्रीति ने बताया सर मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा है | गाँव को कैसे बांटे ? उनको मैंने गाँव को बाँटने का तरीका समझाया | उन्होंने बताया कि पापाजी ने नक्शा टीचर से बनवा लिया है | प्रीति व मनीषा से की गयी चर्चा से सारा माजरा समझ में आ गया था |

dमैंने उनको बोला आप अभी सर्वे शुरू मत करो | मैं आपके गाँव में 1 घंटे में पहुंच रहा हूँ | मैं जिस गाँव था, वहां से पीली गाँव के लिए निकल गया | गाँव में पहुँचते ही गाँव के लोगों ने मेरे से सवाल करना शुरू किये | पूछने लगे यहाँ आप क्या करोगे ? मैंने उनको सर्वे के बारे में बताया | उन्होंने मुझे बताया कि गाँव में सर्वे के लिए दो लड़की भी आई हैं जो मास्टर जी के घर पर हैं | मैं मास्टर जी के घर गया | वहां पर प्रीति के पिताजी मिले | उन्होंने मुझे बोला सर आप क्यों परेशान हुए हैं | कोई समस्या नहीं है | सर्वे हो जाएगा | मैं LIC का एजेंट हूँ | सभी गाँव में मेरी अच्छी जान पहचान है | यहाँ पर मास्टर जी हैं | इनके आसपास के घरों की जानकारी ये ही बता देगें | कहीं परेशान होने की जरुरत नहीं है |

मैंने उनको बताया कि असर सर्वे इस तरीके से नहीं किया जाता है | असर सर्वे के लिए तीन दिन का प्रशिक्षण दिया गया है | जिसमें असर सर्वे के तरीके बताये गए हैं | उसी तरीके से सर्वे करना होता है | सर्वे के बाद में डेस्क रिचेक, फोन रिचेक और फिल्ड रिचेक द्वारा डाटा की गुणवत्ता का पता लगाया जाता है | इसके बाद ही गाँव का डाटा उपयोग में लिया जाता है | फिर बोलने लगे कि इसलिए प्रीति बोल रही थी कि प्रशिक्षण में बताया है वैसे ही सर्वे करुँगी | ठीक है ; आप सर्वे करिए |

हम सर्वे करने के लिए निकल गए और 12 घरों का सर्वे किया | इसके बाद प्रीति के पापा बोलने लगे जल्दी करों लेट हो जायेंगे | उनके जो जानकर लोग थे वो भी बोलने लगे कि लड़कियां हैं, क्यों परेशान कर रहे हो ? एक जगह ही बैठकर सर्वे कर लीजिये | प्रीति ने लोगों को बोला कि यदि हमें एक जगह बैठकर ही सर्वे करना होता तो घर बैठे ही कर लेते |

मुझे महसूस हुआ इसलिए तो सर्वे का डाटा फर्जी होता है क्योंकि या तो सर्वे करने वाला फर्जी होता है या जानकारी देने वाले फर्जी करवाते हैं | जब हमारे 20 घर का सर्वे हो गया तब उसने बताया की सर आपको इसलिए बुलाया कि मुझे सर्वे जैसे प्रशिक्षण में बताया वैसे ही करना था; परन्तु मुझे फर्जी करने के लिए दबाव दिया जा रहा था | इसलिए असर सर्वे में असर सेंटर द्वारा गाँव में दो स्वयंसेवकों को भेजा जाता है ताकि एक स्वयंसेवक को यदि असर प्रकिया में समस्या आए तो दूसरा उसकी मदद कर सके |

इस अनुभव के साथ मेरा ज्यादातर गांवों में अभुभव रहा है कि लोग सर्वे का नाम लेते ही सरकारी योजना के लाभ, फ़र्जी डाटा, की बात करते हैं | परन्तु जिन लोगों ने असर सर्वे किया है उनके सामने असर का नाम लेते ही उनको असर सर्वे की गुणवत्ता याद आती है |

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