Chirag Vyas – सफ़र का असर

मैं पिछले 6 सालों से असर के साथ जुड़ा हुआ हूँ और गुजरात का असर का काम देखता हूँ | इन 6 सालो में गुजरात के अलग-अलग जिले में पार्टनर ढूंढना, ट्रेनिंग, सर्वे, मोनिटरिंग, रीचेक जैसे असर के काम करता रहा हूँ | जब मैं असर के साथ 2010 में जुड़ा तब असर के साथ 4 कालेज थे और आज के दिन की अगर बात करें तो गुजरात में असर के साथ 24 कालेज और university काम कर रही है !

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खुश्बू गुजरात की में, हमने अमिताभ जी  को  कहते हुए सुना है किC, कच्छ नहीं देखा तो कुछ नहीं देखा!” पर  में कहता हूँ कि, “मैं कच्छ जाने से पहले एक बार जरुर सोचूंगा।”

यह बात है असर 2013 की जब में असर की ट्रेनिंग देने के लिए कच्छ गया था ! मुझे आज भी वो दिन याद है,  जब ट्रेनिग के बाद सर्वे के समय पर मोनिटरिंग के लिए MT(Master Trainer) अलग अलग गाँव में गए थे।

गुजरात में कच्छ जिला विस्तार की  दृष्टि से सब से बड़ा है। मैं और मेरे साथ 6 सर्वेयर रापर ब्लोक गए ! रापर  ब्लॉक हमारे ट्रेनिंग स्थल से  तकरीबन 300 k.m दूर था | हम सब अपनी गाड़ी में सुबह 4  बजे निकले और तक़रीबन 9:30 बजे तक रापर पहुँच गए। हमें जाना था सोमानी वाड़ी” गाँव,  गाँव न तो मेने देखा था और नाही गाड़ी वाले ने ! फिर लोगों से बात करते हुए  हम लोग आगे बढ़ते गए |वँहा सड़क के किनारे एक व्यक्ति मिला | उनको मेने पूछा की “भैया हमें सोमानी वाड़ी  गाँव में जाना है क्या आपको रास्ता पता है ?” उसने कहा, “चलो में आपके साथ आता हूँ |” तक़रीबन 25  k.m घूमने के बाद हम वापस उसी जगह पर आ गए थे जहाँ से हमने उस आदमी को बिठाया था। मैंने उस बन्दे से कहा, “अरे यार ये तो वही जगा है जहाँ से हम लोग निकले थे !” उसने बताया कि, “हा सरजी गाँव तो मेने भी नहीं देखा लेकिन गाड़ी में घूमने का मजा कुछ और ही था !”

फिर मेरे दिमाग में आया के मैं यहाँ से वापस चला जाऊँ, लेकिन दिमाग मे एक सवाल भी था कि अगर में चला गया तो फिर इतने दूर के गाँव के बच्चों के पढ़ने की और गणित की स्तिथि क्या है उसके बारे में कैसे जान पाँऊगा ? फिर मन में एक बात तय कर ली कि मैं इस गाँव का मोनिटरिंग पूरा किए बगैर वापस नहीं जाऊंगा। चाहे कितनी भी मुश्किलों का सामना करना पड़े ! फिर हम लोगों ने दूसरे लोगों की मदद से सभी गाँव को खोजा और हमारा जो लक्ष्य था वो पूर्ण किया!

मेरा सपना है कि पूरे भारत के सभी बच्चों को  basic पढना और गणित करना तो आना ही चाहिए क्योंकि बच्चे अगर basic दक्षता हासिल कर लेंगे तभी वे कुछ कर सकते  है ! अगर मेरा यह सपना पूरे भारतवासीयों का हो जाइ तो फिर देश का चित्र बदल जाएगा।

Chirag Vyas

ASER Team, Gujarat